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आइए जान लेते हैं कि नक्सली, उग्रवादी, माओवादी और आतंकवादी में क्या अंतर है? इनके अलग-अलग नाम कैसे पड़े और क्या है इनका इतिहास?
पश्चिम बंगाल में हुई थी नक्सलवाद की शुरुआत
नक्सली या नक्सलवादी, माओवादी, उग्रवादी और आतंकवादी में अंतर है.
नक्सलवाद:_
नक्सलवाद एक विचारधारा है, जो पश्चिम बंगाल में जमींदारों के खिलाफ किसानों के आंदोलन से जुड़ी हुई है. यह 1960 के दशक की बात है. बंगाल में दार्जिलिंग जिल में स्थित एक गांव नक्सलबाड़ी में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता चारू मजूमदार ने कानू सान्याल के साथ मिलकर सत्ता और जमींदारों के खिलाफ किसान विद्रोह की अगुवाई शुरू की.
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इस नक्सलबाड़ी विद्रोह ने युवाओं और ग्रामीण को बुरी तरह से झकझोरा और समय के साथ इसी तरह का आंदोलन बिहार और झारखंड तक फैल गया. फिर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र तक में लोगों ने अत्याचार के खिलाफ सशत्र विद्रोह किया. इसके जरिए गरीबों और भूमिहीन किसानों की मांगें रखी गईं. इस आंदोलन को नक्सलवादी आंदोलन कहा गया और इसमें शामिल लोग नक्सली कहलाए.
माओत्से तुंग की विचारधारा को मानने वाले कहे गए माओवादी
माओवाद जैसा नाम से ही जाहिर है आधुनिक चीन के संस्थापक माओत्से तुंग की विचारधारा से जुड़ा है. माओ की विचारधारा हिंसा का समर्थन करती है. सत्ता के खिलाफ माओ की विचारधारा का पालन करते हुए संघर्ष में शस्त्र का इस्तेमाल करने वाले माओवादी कहे गए.
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कई बार लोग माओवाद और नक्सलवाद को एक मानने की भूल करते हैं. वास्तव में ऐसा नहीं है. भले ही दोनों कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े हैं पर दोनों का स्वरूप अलग है. चीन में माओ की अगुवाई में हुई क्रांति को माओवाद का जनक माना जाता है. साल 1962 में चीन से युद्ध के बाद भारत में माओवादी विचारधारा को बढ़ावा मिला.
नक्सलवाद और माओवाद भले ही दोनों आंदोलन हिंसा पर आधारित हैं पर सबसे बड़ा फर्क यह है कि नक्सलवाद का जन्म नक्सलबाड़ी में विकास की कमी और गरीबी के कारण हुआ था. वहीं, माओवाद एक विदेशी राजनीतिक विधारधारा है.
उग्रवाद:_
लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हिंसा का सहारा लेना उग्रवाद
उग्रवाद का सीधा सा अर्थ है अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए उग्रता यानी हिंसा का सहारा लेना. यह एक व्यापक शब्द है और नक्सवाद, माओवाद आदि इसका उदाहरण हैं. भारत में खालिस्तान की मांग को लेकर हुई हिंसा हो या फिर पूर्वोत्तर में अलग-अलग चरमपंथी संगठनों द्वारा की जाने वाली हिंसा, सभी उग्रवाद है. ऐसे उपक्रमों में शामिल लोग उग्रवादी कहे जाते हैं. उग्रवाद वास्तव में किसी भी विचारधारा से प्रेरित हो सकता है. हालांकि, भारत सरकार ने कानून बना कर उग्रवादियों को भी आतंकवादी घोषित कर दिया है.
आतंकवादी:_
आतंकित करने वाले आतंकवादी कहे जाते हैं
आतंकवाद का साफ अर्थ हम निकाल सकते हैं किसी को आतंकित करना यानी डराना. ऐसा करने वाले लोग आतंकवादी कहे गए, जो अपने किसी सही या नाजायज लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हिंसा का सहारा लेते हैं. आतंकवादी किसी देश या सरकार के खिलाफ जाकर हिंसा के जरिए उस पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. आतंकवाद और उग्रवाद में एक अंतर है कि उग्रवादियों को स्थानीय लोगों का समर्थन मिला होता है. आतंकवादियों के लिए यह जरूरी नहीं है कि वे स्थानीय जनता को अपने साथ लेकर चलें. आतंकवादी किसी देश के खिलाफ दूसरे देश द्वारा अप्रत्यक्ष युद्ध के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
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आतंकवाद का इतिहास काफी पुराना है. माना जाता है कि इस शब्द की उत्पत्ति फ्रांस में हुई क्रांति के दौरान हुई थी. आधुनिक आतंकवाद का जन्म 18वीं सदी में माना जाता है.
Author _प्रीति कुमारी
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